Sunday, August 9, 2020

लड़की को बचपन से ही लज्जा का आभूषण पहना कर,उनसे निर्लज्जता की बातें क्यो..?


लड़की को बचपन से ही लज्जा का आभूषण पहनाकर, निर्लज्जता की बातें क्यो..?   (एक विचार)
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मैं मानती हूँ, लज्जा शर्म नारी को शोभित करने वाला बहुत ही आकर्षित और खूबसूरत आभूषण है! ये नारी के व्यक्तित्व को एक अलग ही निखार देता प्रतीत होता है! परन्तु कभी सोचा है इस आभूषण को धारण करने वाली स्त्रियों को न जाने कितनी गंदी सोच और कितनी ही अपमान जनक स्थिति का सामना करना पड़ता है ..?
वो लोक लाज व शर्म के चलते अपनी स्थिति से किसी को अवगत भी नही करा सकती, क्यो..?? 
क्योंकि उसे बचपन से ही सिखाया जाता है लज्जा आपका गहना है, इसको आपने हमेशा पहनना है... लड़की इसका सर झुका कर पालन भी करती है परंतु मुझे समझ नही आता जब लड़की को लज्जा का आभूषण बचपन से ही पहना दिया जाता है तो फिर उनके साथ निर्लज्जता की बातें क्यो की जाती है...?
अक्सर देखा गया है राह चलते लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती है वो कई बार लज्जा के करण चुप लगा जाती है , फेसबुक पर ही बहुत से मित्र, या ऑफिस में सहकर्मचारी  अश्लीलता की हद तक पार कर देते है ...
ऐसी परिस्तिथि में अपने संस्कार व गले मे जबर्दस्ती पहनाये गये लज्जा नामक आभूषण के चलते स्त्री खुद में ही घुट कर रह जाती है..
और अगर कोई स्त्री उन सब के विरुद्ध आवाज़ उठाना चाहे तो उसे निर्लज्ज की उपलब्धि से नवाज़ दिया जाता है....
मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगी अगर सच मे ही लज्जा स्त्री का गहना है तो इसे सदैव धारण किये रहने में आप स्त्री को प्रेरित व सहयोग करें ऐसी स्थिति उत्पन्न न करें कि वो अपने आत्मसम्मान की ख़ातिर इस आभूषण का परित्याग कर दे....

©️✍🏻पूनम बागड़िया "पुनीत"
                   (नई दिल्ली)

Tuesday, August 4, 2020

"तुम डिजिटल संसार प्रिये"


****************"तुम डिजिटल संसार प्रिये"**********


तुम ठहरे लव आजकल
मैं मीरा सा प्यार प्रिये!!

किस विध करू तुम्हारा सृजन
तुम डिज़िटल संसार प्रिये!!

मैं नेत्रों की भाषा में उलझी
तुम अनदेखा दुलार प्रिये!!

देख एक क्षण, मैं जीती बरसों
तुम देख ऑफलाइन, दूजे को देते अपना दिल उपहार  प्रिये!!

मैं प्रेम-पत्र पर बिखरी अभिव्यक्ति
तुम कॉपी पेस्ट का प्रचार प्रिये!!

किस विध करू तुम्हारा सृजन
तुम डिज़िटल संसार प्रिये!!

सँजोह कर रखती मैं यादें दिल में
तुम मोबाइल गैलरी का भंडार प्रिये!!

मेरे ह्रदय में एक ही समाये
तुम रख सकते हज़ार प्रिये!!

किस विध करू तुम्हारा सृजन
तुम डिज़िटल संसार प्रिये.!!

©✍🏻पूनम बागड़िया "पुनीत"
               (दिल्ली)
स्वरचित मौलिक
Translation in English

"You darling digital world"

 You stay love nowadays
 I love me sweetie !!

 Which method should you create
 You digital world honey !!

 I got involved in the language of the eyes
 You undiscovered caress honey!

 See one moment, I lived for years
 Seeing you offline, give your heart a gift to my friend !!

 I express expression on love letter
 You darling copy paste !!!

 Which method should you create
 You digital world honey !!

 I have memories in my heart
 You dear mobile gallery store !!

 One heart in my heart
 You can keep a thousand darling !!

 Which method should you create
 You darling the digital world. !!

 © ✍🏻Poonam Bagadia "Punit"
                (Delhi)
 Composed original